पर्यावरण का महत्व और बचाव कार्य


सामान्य अर्थों में पर्यावरण (परि+आवरण) जो हमारे चारों तरफ आवरण है यह हमारे जीवन को प्रभावित करता है यह हमारे चारों ओर व्याप्त है और हमारे जीवन की प्रत्येक घटना इसी पर निर्भर करती और संपादित होती हैं। मनुष्यों द्वारा की जाने वाली समस्त क्रियाएं 
पर्यावरण को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती हैं।  इस प्रकार किसी जीव और पर्यावरण के बीच का संबंध भी होता है, हमारा जीवन बहुत कुछ प्रकृति पर निर्भर करता है । पर्यावरण के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती चाहे मनुष्य हो पशु पक्षी एव छोटे बड़े जीव जंतु सबका आधार पर्यावरण ही है
पर्यावरन संबंधी समस्याएं भी है जैसे प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन इत्यादि मनुष्य को अपनी जीवनशैली को सुधारने के लिये प्रेरित कर रही हैं और अब पर्यावरण संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की आवश्यकता है।  आज हमें सबसे ज्यादा जरूरत है पर्यावरण संकट के मुद्दे पर आम जनता और पाठकों को जागरूक करने की।
इस दिशा में सरकार और समाजसेवी संस्थाओं ने बहुत कदम उठाए हैं इसी के तहत राष्ट्रीय स्तर पर सफाई अभियान चलाया गया नदियों का की सफाई का अभियान चलाया गया लेकिन फिर भी कोई असर नहीं दिखाई दिया पर्यावरण पर । इसके लिए हमें ठोस कदम उठाने चाहिए जिससे कि पर्यावरण प्रदूषण ना हो 
 पर्यावरण दिशा में संत रामपाल जी महाराज ने बहुत ही अच्छी पहल की है उन्होंने धर्म यज्ञ आरंभ करके व अपने अनुयायियों से पांचों यज्ञ करवा रहे है जिससे क्योंकि यज्ञों से बारिश होती है और बारिश से पृथ्वी पर पेड़ पौधे उगते हैं और उनको जीवन मिलता है जितने पेड़ पौधे पृथ्वी पर होंगे उतना वातावरण शुद्ध होता है हमें शुद्ध हवा मिलती है रोगों से लड़ने की क्षमता मिलती है तो हम सभी को उनके कार्य में सहयोग करना चाहिए इसके लिए आप सत्संग सुनिए साधना टीवी पर शाम 7:30 से 8:30 तक

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